घेरण्डसंहिता विधि इन हिंदी | Gheranda Samhita PDF Download Free
घेरण्ड संहिता |
Gheranda Samhita Book in PDF Download
घेरंड संहिता के अनुसार आहार, घेरण्ड संहिता हिंदी PDF Download, घेरंड संहिता में ध्यान, घेरण्ड संहिता के अनुसार मुद्रा, घेरण्ड संहिता श्लोक, घेरण्ड संहिता के अनुसार षट्कर्म. Gherandasamhita is one of the three major texts of Hatha Yoga. The other two texts are Hatha Yoga Pradipika and Shiva Samhita. It was composed in the late 17th century. It is the largest and most complete of the three texts of Hatha Yoga. In this, practical education of Saptang Yoga has been given. Gherandasamhita is the oldest and first book, in which there is a detailed description of the activities of yoga asana, mudra, pranayama, neti, dhauti etc. The preacher of this book is Gherand Muni, who preached to his disciple Chand Kapali on asking questions about yoga.
Dhautistastha netilonliki charta and.." Kapalbhatischaitani pat karmani samacharet 1 *
Sanyam, Pratyahara, Dharana and Samadhi are the parts of Eight Yoga, that is, it is advisable to do these eight practices while learning Yoga. It is written in the Dattatreya-Samhita, that - Yaatra niyamachaiva asanam cha taha param. Pranayamaschaturthah rayat pratyaharadach pancham. Pashti tu dharana prokta dhyanam saptammudhyanate. Samadhiratam: Proktah Sarvapupyafalpradah. Evamashtangyogam cha yajnavalkyadayo viduh॥ • i.e. Yama, Niyama, Asana, Pranayama, Pratyahara, Dharana,
. Dhyana and Samadhi, these eight are described by Yajnavalkya etc. as the eight limbs of yoga, this yoga is the giver of all flowers.
It is written in Niruttar-Tantra, that Asanam Pranasanrodha: Pratyakarach. an assumption .
Dhyana samadhiretani yogaangani chandanti pat-
i.e. asana, life restraint, pratyahara, dharana, meditation and
Samadhi These are called the six limbs of yoga. It is written in Adiamal, that
Dhyana tu dvividham prokam grossly subtle discreetly.
Sthoolam Mantramayam.Vidhi Susham Tu Mantrabarjitam :
That is, there are two types of meditation, gross and subtle, Pratramaya meditation is called gross and mantraless meditation is called Mukshmadhyana.
By clicking on the link given below, you can download the written book Gheranda Samhita in PDF.
घेरण्डसंहिता पीडीएफ में डाउनलोड करे
घेरण्डसंहिता हठयोग के तीन प्रमुख ग्रन्थों में से एक है। अन्य दो गर्न्थ हैं - हठयोग प्रदीपिका तथा शिवसंहिता। इसकी रचना १७वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में की गयी थी। हठयोग के तीनों ग्रन्थों में यह सर्वाधिक विशाल एवं परिपूर्ण है। इसमें सप्तांग योग की व्यावहारिक शिक्षा दी गयी है। घेरण्डसंहिता सबसे प्राचीन और प्रथम ग्रन्थ है , जिसमे योग की आसन , मुद्रा , प्राणायाम, नेति , धौति आदि क्रियाओं का विशद वर्णन है। इस ग्रन्थ के उपदेशक घेरण्ड मुनि हैं जिन्होंने अपने शिष्य चंड कपालि को योग विषयक प्रश्न पूछने पर उपदेश दिया था।
धौति्ैस्तिस्तथा नेतिलोंलिकी चाटक तथा.|" कपालभातिश्चैतानि पट् कर्माणि समाचरेत् ॥ १ * ॥
संयम,प्रत्याहार, धारणा और समाधि यह आंठ योगके अंग हैं अर्थात् योग सीखने समय इन आठोंका साधन करना उचित है । दत्तात्रेय -संहित में लिखा है, कि -
. ध्यान और समाधि इन आठो को याज्ञवल्क्य आदि योगो योग के आठ अङ्ग बतलाते हैं , ये योग समस्त पुप्यकल देने वाला है ।
निरुत्तर-तन्त्रमें लिखा है, कि
समाधि ये योगके छः अंग कहलाते हैं । आदियामलमें लिखा है, कि
अर्थात्-ध्यान दो प्रकारका है, स्थूल और सूक्ष्म, प्रन्त्रमय ध्यानको स्थूल और मन्त्ररहित ध्यानको मूक्ष्मध्यान कहते हैं।घेरंड संहिता के अनुसार आहार, घेरण्ड संहिता हिंदी PDF Download, घेरंड संहिता में ध्यान, घेरण्ड संहिता के अनुसार मुद्रा, घेरण्ड संहिता श्लोक, घेरण्ड संहिता के अनुसार षट्कर्म.
नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके, आप लिखित पुस्तक घेरण्डसंहिता पीडीएफ में डाउनलोड कर सकते हैं।
Particulars (विवरण) | (आकार, लेखक, भाषा,पृष्ठ की जानकारी) |
घेरण्डसंहिता | Gheranda Samhita PDF | |
Hindi | |
No comments:
Post a Comment