![]() |
हल्दी घाटी | Haldi Ghati |
Some Excerpts From the Book Haldi Ghati
"Where is Kuvar Jagmal?" Rajpurohit looked around but Jagmal was nowhere to be found.
"What a bad thing. At least this time they should be sub-situated." One of the companions standing there said, "Even even Kuvar Shakti Singh has not come yet."
It was decided to wait a little longer. If Kuwar Jagmal comes, then it is okay, otherwise, with the permission of Kuwar Pratap Singh, a garden should be planted in the dead body of late Rana Udai Singh.
Mewar state had such a tradition in those days. As soon as the king died, his successor was considered as the king. And unless this new king gave permission, the old king's body would not be burnt.
Usually, the eldest son is the successor of the king, but if the king wishes, he can take away this right. This time it happened. The eldest son of Rana Udai Singh was Kuwar Pratap Singh, but Udai Singh did not make him Uttara Ghikari. The successor was made Kuvar Jagmal, who was the eldest prince after Kuwar Pratap.
By clicking on the link given below, you can download the written book Haldi Ghati in PDF by Manhar Chauhan
हल्दी घाटी पुस्तक के कुछ अंश
"कुवर जगमल कहा है ? " राजपुरोहित ने चारो ओर देखा लेकिन जगमल का कही पता नही था।
"कितनी बुरी बात है । कम से कम इस समय तो उन्हे उप स्थित होना चाहिए।" वहा खडे सामन्नी मे से एक ने कहा, "कुवर शक्तिसिंह भी तो अभी तक नही आए।"
तय यह किया गया कि थोडी देर और इन्तजार किया जाए। अगर कुवर जगमल आ जाए तो ठीक, वरना कुवर प्रतापसिंह की आज्ञा से स्वर्गीय राणा उदयसिंह के शव मे बाग लगाई जाए।
उन दिनो मेवाड राज्य की ऐसी ही परम्परा थी। राजा को मृत्यु होते ही उसके उत्तराधिकारी को राजा मान लिया जाता। और जब तक यह नया राजा अनुमति न देता, पुराने राजा का शव न जलाया जाता।
आमतौर पर सबसे बडा बेटा ही राजा का उत्तराधिकारी होता है लेकिन राजा की इच्छा हो तो उसका यह अधिकार छीन सकता था। इस बार यही हुआ या । राणा उदयसिंह के सबसे बड़े बेटे कुवर प्रतापसिंह थे, लेकिन उदयसिंह ने उन्हे उत्तरा घिकारी नही बनाया था। उत्तराधिकारी बनाया गया था कुवर जगमल, जो कुवर प्रताप के बाद सबसे बड़ा राजकुमार था ।
नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके, आप लिखित पुस्तक हल्दी घाटी हिंदी को मनहर चौहान द्वारा पीडीएफ में डाउनलोड कर सकते हैं।
Particulars (विवरण) | (आकार, लेखक, भाषा,पृष्ठ की जानकारी) |
साहित्य / Literature |
No comments:
Post a Comment