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Thursday, March 4, 2021

विक्रमोवर्शी - कालिदास | Vikramovarshi by Kalidas

विक्रमोवर्शी - कालिदास | Vikramovarshi by Kalidas
विक्रमोवर्शी | Vikramovarshi

 विक्रमोवर्शी किताब करें पीडीएफ में डाउनलोड

विक्रमोर्वशीयम् कालिदास का विख्यात नाटक। यह पांच अंकों का नाटक है। इसमें राजा पुरुरवा तथा उर्वशी का प्रेम और उनके विवाह की कथा है।नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके, आप विक्रमोर्वशी लिखित पुस्तक को कालिदास द्वारा पीडीएफ में डाउनलोड कर सकते हैं।

Vikramovarshi Book in PDF Download

The famous play of Vikramorvashiyam Kalidas. It is a five-digit drama. It narrates the love of Raja Pururava and Urvashi and their marriage.By clicking on the link given below, you can download the book written Vikramovarshi by Kalidas in PDF.


Particulars

(विवरण)


 eBook Details (Size, Writer, Lang. Pages

(आकार, लेखक, भाषा,पृष्ठ की जानकारी)

 पुस्तक का नाम (Name of Book) 

 विक्रमोवर्शी | Vikramovarshi

 पुस्तक का लेखक (Name of Author) 

 कालिदास -Kalidas

 पुस्तक की भाषा (Language of Book)

 हिंदी (Hindi) 

 पुस्तक का आकार (Size of Book)

 1.3 MB

  कुल पृष्ठ (Total pages )

 149

 पुस्तक की श्रेणी (Category of Book)

 नाटक/ Drama




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अभिज्ञान शाकुन्तल - कालिदास | Abhigyan Shakuntala by Kalidas

अभिज्ञान शाकुन्तल - कालिदास | Abhigyan Shakuntala by Kalidas
अभिज्ञान शाकुन्तल | Abhigyan Shakuntala 

 अभिज्ञान शाकुन्तलम् का हिंदी अनुवाद pdf

अभिज्ञान शाकुन्तलम् महाकवि कालिदास का विश्वविख्यात नाटक है ‌जिसका अनुवाद प्रायः सभी विदेशी भाषाओं में हो चुका है। इसमें राजा दुष्यन्त तथा शकुन्तला के प्रणय, विवाह, विरह, प्रत्याख्यान तथा पुनर्मिलन की एक सुन्दर कहानी है।

Abhigyan Shakuntalam PDF Download

It contains a beautiful story of love, marriage, marriage, reprisal and reunion of King Dushyant and Shakuntala. 
Abhigyan Shakuntalam is a world-famous drama by Mahakavi Kalidas, which has been translated into almost all foreign languages. 

कुमारसम्भव - कालिदास | Kumarsambhav by Kalidas

कुमारसम्भव - कालिदास | Kumarsambhav by Kalidas
कुमारसम्भव  | Kumarsambhav

Kumarsambhav by Kalidas Hindi PDF Download | कुमारसम्भव - कालिदास हिन्दी पीडीएफ डाऊनलोड 

कुमारसम्भवम् (अर्थ : 'कुमार का जन्म') महाकवि कालिदास विरचित कार्तिकेय के जन्म से संबंधित महाकाव्य जिसकी गणना संस्कृत के पंच महाकाव्यों में की जाती है। नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके, आप कालिदास द्वारा लिखित पुस्तक कुमारसम्भव को पीडीएफ में डाउनलोड कर सकते हैं।

Kumarasambhavam (meaning: 'Birth of Kumar') related to the birth of Mahakavi Kalidasa Virchita Karthikeya epic which is counted in the Panch epics of Sanskrit.
By clicking on the link given below, you can download the book  Kumarsambhav written by Kalidas in PDF.

Sunday, February 28, 2021

रघुवंश महाकाव्य : कालिदास प्रणीत | Raghuvansh Mahakavya : by Kalidas Pranit

रघुवंश महाकाव्य : कालिदास प्रणीत द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – काव्य | Raghuvansh Mahakavya : by Kalidas Pranit Hindi PDF Book – Poetry (Kavya)

रघुवंश महाकाव्य : कालिदास प्रणीत द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक | Raghuvansh Mahakavya : by Kalidas Pranit Hindi PDF Book 

 रघुवंश कालिदास द्वारा रचित संस्कृत महाकाव्य है। इस महाकाव्य में उन्नीस सर्गों में रघु के कुल में उत्पन्न 29 राजाओं का इक्कीस प्रकार के छन्दों का प्रयोग करते हुए वर्णन किया गया है। इसमें दिलीप, रघु, दशरथ, राम, कुश और अतिथि का विशेष वर्णन किया गया है। वे सभी समाज में आदर्श स्थापित करने में सफल हुए। राम का इसमें विशद वर्णन किया गया है। उन्नीस में से छः सर्ग उनसे ही संबन्धित हैं।

आदिकवि वाल्मीकि ने राम को नायक बनाकर अपनी रामायण रची, जिसका अनुसरण विश्व के कई कवियों और लेखकों ने अपनी-अपनी भाषा में किया और राम की कथा को अपने-अपने ढंग से प्रस्तुत किया। कालिदास ने यद्यपि राम की कथा रची परन्तु इस कथा में उन्होंने किसी एक पात्र को नायक के रूप में नहीं उभारा। उन्होंने अपनी कृति 'रघुवंश' में पूरे वंश की कथा रची, जो दिलीप से आरम्भ होती है और अग्निवर्ण पर समाप्त होती है। अग्निवर्ण के मरणोपरान्त उसकी गर्भवती पत्नी के राज्यभिषेक के उपरान्त इस महाकाव्य की इतिश्री होती है।

रघुवंश पर सबसे प्राचीन उपलब्ध टीका १०वीं शताब्दी के काश्मीरी कवि वल्लभदेव की है। किन्तु सर्वाधिक प्रसिद्ध टीका मल्लिनाथ (1350 ई - 1450 ई) द्वारा रचित 'संजीवनी' है।


पुस्तक का नाम/ Name of Book : रघुवंश महाकाव्य / Raghuvansh Mahakavya 
पुस्तक के लेखक/ Author of Book : कालिदास - Kalidas
श्रेणी / Categories : काव्य / Poetry
पुस्तक की भाषा / Language of Book : हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज़ / Size of Book : 24.7 MB
कुल पृष्ठ /Total Pages : 427


 
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श्रृंगार तिलक : कालिदास | Shringaar Tilak by Kalidas

श्रृंगार तिलक : कालिदास  | Shringaar Tilak by Kalidas

Shringaar Tilak by Kalidas|श्रृंगार तिलक : कालिदास के बारे में अधिक जानकारी -

यह "शृङ्गारतिलक" शङ्कार रस के खण्ड काव्यों में अनूठा है,नववयस्क विद्यार्थी लोग प्रायः इस ग्रंथ के दो चार झोकों को कण्ठस्य रखते हैं, इस ग्रंथ के निर्माता कविकुल तिलक "कालिदास जी" का नाम सर्वत्र ही प्रसिद्ध है, सुशि- हित समाज में शायद ऐसे बिरले ही लोग होंगे जो कि "कालिदास" के नाम से अपरिचित होते ॥

पर उन कालिदास जी का "जीवनचरित्र" आज तक ऐसा नहीं देखने में आया जिससे चित्त को पूर्ण सन्तोष हो सके । लेकिन सूर्य को कोई छिपा भी नहीं सकता, यद्यपि काशी के अस्त मित भारतेन्दु "बाबू इरि्चन्दপजी ने" अपने "चरितावली"नामक इतिहास ग्रंथ में "कालिदास का चरित्र" शीर्षक विशाल लेख देकर मुक्तकण्ठ होकर यह दिखा दिया है कि उक्त कवि के समय का ठीक पता नहीं लगता बरन कर एक "कालिदास का" होना निश्चित है। परन्तु इस प्रसिद्ध पद्य के अनुसार महाराज "विक्रमादित्य के" दरबार में इन महाकवि का रहना प्रमाणित होता है।
 


पुस्तक का नाम/ Name of Book : श्रृंगार तिलक | Shringaar Tilak
पुस्तक के लेखक/ Author of Book : कालिदास - Kalidas
श्रेणी / Categories : काव्य / Poetry
पुस्तक की भाषा / Language of Book : हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज़ / Size of Book : 8.6 MB
कुल पृष्ठ /Total Pages : 18


 
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Saturday, February 27, 2021

कालिदास और उनकी कविता : कालिदास | Kalidas Aur Unki Kavita by Kalidas

कालिदास और उनकी कविता : कालिदास  | Kalidas Aur Unki Kavita by Kalidas

 Kalidas Aur Unki Kavita by Kalidas | कालिदास और उनकी कविता : कालिदास के बारे में अधिक जानकारी



पुस्तक का नाम/ Name of Book :   कालिदास और उनकी कविता | Kalidas Aur Unki Kavita
पुस्तक के लेखक/ Author of Book : कालिदास - Kalidas
श्रेणी / Categories : काव्य / Poetry
पुस्तक की भाषा / Language of Book : हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज़ / Size of Book : 3.12MB
कुल पृष्ठ /Total Pages : 183



 
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Thursday, February 25, 2021

अभिज्ञान शकुन्तला नाटक : कालिदास | Abhigyan Shakuntalam Natak by Kalidas

अभिज्ञान शकुन्तला नाटक : कालिदास | Abhigyan Shakuntalam Natak by Kalidas

Abhigyan Shakuntalam Natak by Kalidas | अभिज्ञान शकुन्तला नाटक : कालिदास 

 इस शकुंतला नाटक में सस्कृत, तथा प्राकृतभाषा, व श्लोक, बहुत से छंदों में गर्भित हैं । सो ही उक्र जनने सुगमता से संस्कृत की भाषा और प्राकृतकी भी स्वदेशीय मध्यदेश की भाषा विभू पितकी है । तथा श्लोकों का प्रतिबिम्ब भाषा अर्थात् (फोटो ग्रাफ्) तसवीर किया है सोही पहिले मंगलावरणपर्वक (नांदी) जो कि नाटक के आदि में आशिपहै सो कहते हैं 
अभिज्ञान शाकुन्तलम् महाकवि कालिदास का विश्वविख्यात नाटक है ‌जिसका अनुवाद प्रायः सभी विदेशी भाषाओं में हो चुका है। इसमें राजा दुष्यन्त तथा शकुन्तला के प्रणय, विवाह, विरह, प्रत्याख्यान तथा पुनर्मिलन की एक सुन्दर कहानी है। पौराणिक कथा में दुष्यन्त को आकाशवाणी द्वारा बोध होता है पर इस नाटक में कवि ने मुद्रिका द्वारा इसका बोध कराया है।

पुस्तक का नाम/ Name of Book :   अभिज्ञान शकुन्तला नाटक | Abhigyan Shakuntala Natak
पुस्तक के लेखक/ Author of Book : कालिदास - Kalidas
श्रेणी / Categories : साहित्य / Literature
पुस्तक की भाषा / Language of Book : हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज़ / Size of Book :  18 MB
कुल पृष्ठ /Total Pages : 262



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Thursday, August 6, 2020

अभिज्ञानशाकुन्तलम् | Abhigyanshakuntalam

 

अभिज्ञानशाकुन्तलम् | Abhigyanshakuntalam
पुस्तक का नाम : अभिज्ञानशाकुन्तलम् 

लेखक : कालिदास - Kalidas

पुस्तक का साइज़ : 31 MB 

कुल पृष्ठ : 689


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