Tuesday, January 5, 2021

कदम्ब का पेड़ - सुभद्रा कुमारी चौहान | KADAMB KA PED - Subhadra Kumari Chauhan

कदम्ब का पेड़  - सुभद्रा कुमारी चौहान | KADAMB KA PED - Subhadra Kumari Chauhan
कदम्ब का पेड़ | KADAMB KA PED

 

पुस्तक का नाम/ Name of Book : कदम्ब का पेड़ | KADAMB KA PED
पुस्तक के लेखक/ Author of Book : सुभद्रा कुमारी चौहान - Subhadra Kumari Chauhan
श्रेणी / Categories :  काव्य / Poetry
पुस्तक की भाषा / Language of Book : हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज़ / Size of Book : 73 KB
कुल पृष्ठ /Total Pages : 2




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खूब लडी मर्दानी वो तो झाँसी वाली रानी थी - सुभद्रा कुमारी चौहान | KHOOB LADI MARDANI WO TO JHANSI WALI RANI THI - Subhadra Kumari Chauhan

खूब लडी मर्दानी वो तो झाँसी वाली रानी थी - सुभद्रा कुमारी चौहान | KHOOB LADI MARDANI WO TO JHANSI WALI RANI THI - Subhadra Kumari Chauhan
खूब लडी मर्दानी वो तो झाँसी वाली रानी थी | KHOOB LADI MARDANI WO TO JHANSI WALI RANI THI

 

पुस्तक का नाम/ Name of Book : खूब लडी मर्दानी वो तो झाँसी वाली रानी थी | KHOOB LADI MARDANI WO TO JHANSI WALI RANI THI
पुस्तक के लेखक/ Author of Book : सुभद्रा कुमारी चौहान - Subhadra Kumari Chauhan
श्रेणी / Categories :  काव्य / Poetry
पुस्तक की भाषा / Language of Book : हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज़ / Size of Book : 102KB
कुल पृष्ठ /Total Pages : 4




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कश्मीर शैव दर्शन मूल सिद्धांत | Kashmir Shaiva Darshan Mula Siddhanta - Kailash Pati Mishra

कश्मीर शैव दर्शन मूल सिद्धांत | Kashmir Shaiva Darshan Mula Siddhanta - Kailash Pati Mishra

 काश्मीर शैव दर्शन की उपादेयता

काश्मीर शव दर्शन तान्त्रिक ( आगमिक ) परम्परा का सबसे प्रधान दर्शन है। भारतीय संस्कृति, धर्म एवं दर्शन के क्षेत्र में तान्त्रिक परम्परा का महत्वपूर्ण योगदान है। तान्त्रिक दर्शन में जीवन के ऐसे सत्यों की गवेषणा है, जिन्हें जानना सुखी जीवन के लिए अपरिहार्य है उन चिरन्तन सत्यों का ज्ञान आज के जीवन में भी संगत है तन्त्र ने चिरन्तन नवीन रहने वाला स्वस्थ जीवन दर्शन दिया है। तान्त्रिक (आगमिक ) जीवन-दर्शन की सबसे बड़ी विशेषता है जीवन एवं जगत के प्रति भावात्मक ( positive ) दृष्टिकोण । तन्त्र ने जगत् एवं जागतिक मूल्यों ( values ) को स्वीकार कर उन्हें इस प्रकार वरतने की विधा दी है जिससे हम सुखी एवं स्वस्थ जीवन बिताते हुए जोवन के चरम लक्ष्य आत्मप्राप्ति की ओर अग्रसर होते रहें । यहां भोग और योग का प्रवृत्ति एवं निवृत्ति का समन्वय है यहां भोग भी योग बन जाता है एवं साधारणतया बन्धन करने वाला संसार स्वयं मोक्ष का साधन बन जाता है ।"

निषेधात्मक जीवन-दर्शन का मार्जन :-इस जीवन -दर्शन का महत्व तब और भी प्रखर रूप से सामने आता है जब हम इसे ऐसे जीवन-दर्शनों के समकक्ष रखकर विचार करते हैं, जिनमें जीवन एवं जगत् को नकारा गया है तथा आत्म प्राप्ति के लिए संसार के त्याग ( संन्यास ) की शिक्षा दी गई है । उदाहरण के लिए वेदों ( उपनिषदों ) को आधार मानकर चलने वाला अद्वैत-वेदान्त दर्शन यह मानता है कि परम-तत्व ब्रह्म ( आत्मा ) वस्तुतः निष्क्रिय तत्त्व है; वह स्वयं में कुछ भी नहीं करता, सारा सृष्टि-व्यापार ब्रह्म पर अविद्या (या माया) के द्वारा आक्षिप्त ( super-imposed ) है दूसरे शब्दों में, अविद्या के कारण पैदा हुआ संसार ब्रह्म ( जो हमारा वास्तविक स्वरूप है ) के ऊपर पड़ा हुआ पर्दा अबवा अवरोध है । फलतः यदि अपने वास्तविक स्वरूप (आत्मा या ब्रह्म ) को पाना है तो उसपर पड़े


१. भोगो योगायते यत्र पात्क सुक्ृतायते । मोक्षायते च संसारः कुलधर्म कुलेश्वरि ॥

-कुलार्णव तन्त्र


पुस्तक का नाम/ Name of Book : कश्मीर शैव दर्शन मूल सिद्धांत | Kashmir Shaiva Darshan Mula Siddhanta
पुस्तक के लेखक/ Author of Book : Kailash Pati Mishra
श्रेणी / Categories :  Granth / ग्रंथ
पुस्तक की भाषा / Language of Book : हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज़ / Size of Book : 27 MB
कुल पृष्ठ /Total Pages : 231




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मुकुल - सुभद्रा कुमारी चौहान | Mukul - Subhadra Kumari Chauhan

मुकुल - सुभद्रा कुमारी चौहान | Mukul  - Subhadra Kumari Chauhan
मुकुल | Mukul

 सुभद्रा कुमारी चौहान (१६ अगस्त १९०४-१५ फरवरी १९४८) हिन्दी की सुप्रसिद्ध कवयित्री और लेखिका थीं। उनके दो कविता संग्रह तथा तीन कथा संग्रह प्रकाशित हुए पर उनकी प्रसिद्धि झाँसी की रानी (कविता) के कारण है। ये राष्ट्रीय चेतना की एक सजग कवयित्री रही हैं, किन्तु इन्होंने स्वाधीनता संग्राम में अनेक बार जेल यातनाएँ सहने के पश्चात अपनी अनुभूतियों को कहानी में भी व्यक्त किया। वातावरण चित्रण-प्रधान शैली की भाषा सरल तथा काव्यात्मक है, इस कारण इनकी रचना की सादगी हृदयग्राही है।इन्होंने असहयोग आंदोलन में भाग लिया। विवाह के पश्चात भी राजनीति में सक्रिय भाग लेती रहीं। दुर्भाग्यवश मात्र 43 वर्ष की अवस्था में एक दुर्घटना में इनकी मृत्यु हो गई। इनकी रचनाएँ हैं- 'मुकुल (कविता-संग्रह), 'बिखरे मोती (कहानी संग्रह), 'सीधे-सादे चित्र और 'चित्रारा। 'झाँसी की रानी इनकी बहुचर्चित रचना है। इन्हें 'मुकुल तथा 'बिखरे मोती पर अलग-अलग सेकसरिया पुरस्कार मिले


पुस्तक का नाम/ Name of Book : मुकुल | Mukul
पुस्तक के लेखक/ Author of Book : सुभद्रा कुमारी चौहान - Subhadra Kumari Chauhan
श्रेणी / Categories :  काव्य / Poetry
पुस्तक की भाषा / Language of Book : हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज़ / Size of Book : 2 MB
कुल पृष्ठ /Total Pages : 142




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ईस्वर विचार प्रथम भाग - स्वामी दर्शनानन्द सरस्वती | Ishwar Vichar Volume I - Swami Darshananand Sarswti

 

ईस्वर विचार प्रथम भाग - स्वामी दर्शनानन्द सरस्वती  | Ishwar Vichar Volume I - Swami Darshananand Sarswti

ईश्वर विचार

उस सर्व शक्तिमान् को अत्यन्त धन्यवाद है। जिसकी कृपा कटाक्ष से हम लोगों को ऐसा समय प्राप्त हुआ कि हम आन्तरीय विचारों को स्वतन्त्रता से प्रकट कर सक्ते हैं जिसने कृपा, करके हमको सत्य असत्य के विचारने की बुद्धि दी आज हमारा विचार सम्पूर्ण संसार के अभीष्ट परमात्मा का विचार करना है हम इसको तीन भागों में विभक्त करते हैं प्रथम ईश्वर के होने में प्रमाण , दूसरे में ईश्वर का स्वरूप ती- सेरे में ईश्वरोपासना क्यों करनी चाहिये इसका व्याख्यान किया ॥


पुस्तक का नाम/ Name of Book : ईस्वर विचार प्रथम भाग | Ishwar Vichar Volume I
पुस्तक के लेखक/ Author of Book : स्वामी दर्शनानन्द सरस्वती Swami Darshananand Sarswti
श्रेणी / Categories :  साहित्य / Literature
पुस्तक की भाषा / Language of Book : हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज़ / Size of Book : 20.55 MB
कुल पृष्ठ /Total Pages : 874




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Saturday, January 2, 2021

Critical word index of the Bhagavadgita | English Pdf Book

Critical word index of the Bhagavadgita | English Pdf Book

Critical word index of the Bhagavadgita

Critical Word Index of the Bhagavadgita Summary:

The "Critical Word Index of the Bhagavadgita" is a comprehensive guide that offers valuable insights into one of the most revered scriptures in Hinduism. With simplicity and clarity, this book unravels the profound teachings of the Bhagavadgita, allowing readers to delve into its timeless wisdom and spiritual depth.

Written in accessible language, this index bridges the gap between ancient wisdom and modern understanding, making the Bhagavadgita accessible to readers from various backgrounds. It serves as a roadmap, guiding readers through the verses and helping them grasp the deeper essence of the text.

The Critical Word Index sheds light on the fundamental teachings of the Bhagavadgita, such as the concepts of dharma (duty), yoga (union), and moksha (liberation). It elucidates the profound dialogues between Lord Krishna and Arjuna, exploring the themes of self-realization, moral dilemmas, and the path to spiritual enlightenment.

By uncovering the intricate nuances of the Bhagavadgita's language and providing contextual interpretations, this index enables readers to embark on a transformative journey of self-discovery and spiritual growth.

Whether you are a student of philosophy, a seeker of spiritual wisdom, or simply curious about ancient scriptures, the Critical Word Index of the Bhagavadgita is a valuable resource that offers clarity and insight. It opens doors to a deeper understanding of this revered text, allowing readers to apply its teachings to their own lives.

Immerse yourself in the wisdom of the Bhagavadgita as you explore the Critical Word Index, and discover the profound truths and timeless guidance that continue to inspire millions of people around the world.
 
 
 

पुस्तक का नाम/ Name of Book : Critical word index of the Bhagavadgita
पुस्तक के लेखक/ Author of Book : Divanji, Prahlad C
श्रेणी / Categories :  हिंदू - Hinduism,
पुस्तक की भाषा / Language of Book : English
पुस्तक का साइज़ / Size of Book :  63.9 MB
कुल पृष्ठ /Total Pages : 408




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Friday, January 1, 2021

दर्शनानन्द ग्रन्थ संग्रह - स्वामी दर्शनानन्द सरस्वती | Darshnanand Granth Sangrah - Swami Darshananand Sarswti

दर्शनानन्द ग्रन्थ संग्रह  - स्वामी दर्शनानन्द सरस्वती | Darshnanand Granth Sangrah - Swami Darshananand Sarswti
दर्शनानन्द ग्रन्थ संग्रह | Darshnanand Granth Sangrah

 
  

पुस्तक का नाम/ Name of Book : दर्शनानन्द ग्रन्थ संग्रह | Darshnanand Granth Sangrah
पुस्तक के लेखक/ Author of Book : स्वामी दर्शनानन्द सरस्वती Swami Darshananand Sarswti
श्रेणी / Categories :  पौराणिक / Mythological
पुस्तक की भाषा / Language of Book : हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज़ / Size of Book : 10 MB
कुल पृष्ठ /Total Pages : 332




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