अंग-विद्या | Anga Vidya by Shashi Kala Sharma PDF Download
१-"अंग-विद्या" नामक ग्रन्य का आद्योपान्त सुविधूर्वक अवलोकन एवं मनन किया।
२-ज्योतिषशास्त्र एक वृहद् वैज्ञानिकशास्त्र है, जिसकी सहस्रों शाखा प्रशाखायें हैं। कालक्रम से कुछ शाखायें लुप्त हो गयी हैं । उन्हीं में से सामुद्रिक शास्त्र भी हैं, जिसका शास्त्रीय ढङ्ग से अध्ययनाध्यापन का कार्य प्रायः लप्त सा ही है ! वैसे वर्तमान में अंग्रेजी भाषा के माध्यम से भी सामुद्रिकशास्त्र के अध्यययन का कार्य प्रारम्भ है, किन्तु उसमें कोई प्रामाणिकता नहीं है केवल भिन्न-भिन्न बड़े लोगों को हस्त रेखाओं के संग्रह द्वारा अनुमानित ढङ्ग से फलादेश करने का प्रयास किया गया है, वह भी भारतीय लोगों से १८ वीं-१९ वीं शताब्दी में आंशिक ज्ञान मात्र प्राप्त कर !
३-डॉ. इन्दुनाथ शर्मा, उपाचार्य, ज्योतिषविभाग (सं० सं० वि० वि०) ने इस अङ्गविद्या नामक प्राचीन हस्तलिखित ग्रन्थ का सम्पादन कर, इस रिक्तता की पूर्ति की है । हिन्दी-संस्कृत टीका के कारण विषय सहज और सुबोध हो गया है । अतः इस ग्रन्थ के कारण ज्यौतिष के जिज्ञासुव्ग-पण्डितवर्ग छात्र एवं अध्यापक वर्ग सभी लाभान्वित होंगे ।
हमें पूर्ण विश्वास है कि साधारण जनता के लिये इस ग्रन्थ का अध्ययनाध्यापन सर्वोत्तम होगा; क्योंकि मानव के सभी अंगों द्वारा फलादेश की प्रक्रिया भी इस ग्रन्थ में है ।
२-ज्योतिषशास्त्र एक वृहद् वैज्ञानिकशास्त्र है, जिसकी सहस्रों शाखा प्रशाखायें हैं। कालक्रम से कुछ शाखायें लुप्त हो गयी हैं । उन्हीं में से सामुद्रिक शास्त्र भी हैं, जिसका शास्त्रीय ढङ्ग से अध्ययनाध्यापन का कार्य प्रायः लप्त सा ही है ! वैसे वर्तमान में अंग्रेजी भाषा के माध्यम से भी सामुद्रिकशास्त्र के अध्यययन का कार्य प्रारम्भ है, किन्तु उसमें कोई प्रामाणिकता नहीं है केवल भिन्न-भिन्न बड़े लोगों को हस्त रेखाओं के संग्रह द्वारा अनुमानित ढङ्ग से फलादेश करने का प्रयास किया गया है, वह भी भारतीय लोगों से १८ वीं-१९ वीं शताब्दी में आंशिक ज्ञान मात्र प्राप्त कर !
३-डॉ. इन्दुनाथ शर्मा, उपाचार्य, ज्योतिषविभाग (सं० सं० वि० वि०) ने इस अङ्गविद्या नामक प्राचीन हस्तलिखित ग्रन्थ का सम्पादन कर, इस रिक्तता की पूर्ति की है । हिन्दी-संस्कृत टीका के कारण विषय सहज और सुबोध हो गया है । अतः इस ग्रन्थ के कारण ज्यौतिष के जिज्ञासुव्ग-पण्डितवर्ग छात्र एवं अध्यापक वर्ग सभी लाभान्वित होंगे ।
हमें पूर्ण विश्वास है कि साधारण जनता के लिये इस ग्रन्थ का अध्ययनाध्यापन सर्वोत्तम होगा; क्योंकि मानव के सभी अंगों द्वारा फलादेश की प्रक्रिया भी इस ग्रन्थ में है ।
पुस्तक का नाम/ Name of Book : अंग-विद्या | Anga Vidya
पुस्तक के लेखक/ Author of Book : Shashi Kala Sharma
श्रेणी / Categories : Adhyatm
पुस्तक की भाषा / Language of Book : हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज़ / Size of Book : 156.2 MB
कुल पृष्ठ /Total Pages : 202
॥ सूचना ॥
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